सदमा तो है मुझे भी कि तुझसे जुदा हूं मैं,
लेकिन ये सोचता हूं कि अब तेरा क्या हूं मैं,
बिखरा पड़ा है तेरे ही घर में तेरा वजूद,
बेकार महफिलों में तुझे ढूंढता हूं मैं!
लेकिन ये सोचता हूं कि अब तेरा क्या हूं मैं,
बिखरा पड़ा है तेरे ही घर में तेरा वजूद,
बेकार महफिलों में तुझे ढूंढता हूं मैं!